देश में ग्रामसभा – ग्रामपंचायत – ग्रामसमिति ग्राम-कमेठी का स्वरूप पर मेरा विचार

देश में ग्रामसभा – ग्रामपंचायत – ग्रामसमिति ग्राम-कमेठी का स्वरूप पर मेरा विचार ! देश की ७० प्रतिशत आबादी गावँ में रहती है तो देश की ७० प्रतिशत समस्या भी गाँव में है अगर ७० प्रतिशत समस्या का समाधान हो तो देश की ७० प्रतिशत समस्या कम हो जाएगी मतबल ७० प्रतिशत जनता गावँ की समस्या ग्रामपंचायत या ग्रामसभा से ही संभव है मै एक उदाहरण दे कर समझाने की कोशिश कर रहा हु ……

Gram Sabha Meeting देश की ग्राम पंचायत

Gram sabha meeting in progress at Pudurpandiapuram village

माना एक ग्रामपंचायत बनाई और उस गावँ में करीब १००० लोग रहते है १००० एकर जमीन है और गावँ के पास हर परिवार में ४-५ सस्दय है तो करीब ग़ाव की जमीन में करीब २५० की हिस्सेदारी हुई और अब सब के पास समान जमीन नहीं है किसी के पास १० एकर तो किसी के पास १/२ एकर है और कुछ जमीन पर कुछ ना कुछ क़ानूनी झमेलो में फंसी पड़ी वो जमीन करीब १५० एकर है वो २५ लोग की हिस्से दारी में आती है कुछ जमीन सरकारी वो करीब १५० एकर है और वहां खेती नहीं होती है कुछ जमीन साहूकार के पास गिरवीं है वो १०० एकर है वो २५ लोगो की हिस्सेदारी में आती है अब सब मिला कर १४०० एकर जमीन हुई और अगर सब साथ मिल कर खेती करे तो १०० एकर जमीन और निकलेगी वो कैसे ( हर १-२ एकर के बीच में पगडंडी और रास्ते है वो जमीन ) अब कुल मिला कर १५०० एकर जमीन और ३०० की हिस्सेदारी .. अब सब मिला कर खेती करते हो फसल ज्यादा होगी एक गावँ जरूरत की खेती बाड़ी मिलकर जो वहां के १००० लोग की साल भर की जरूरत को पूरा करे जैसे गेहू , चावल ,दाल, सब्ब्जियो जो वहां पर खेती होती वो गाँव वालो में बाँट कर जिसको (किसी के पास १० एकर है लेकिन उसको जो उस परिवार की साल भर की जरुरत को पूरा करे और किसी के पास १/२ एकर है और उसकी मजदूरी का पैसा मिला कर उस परिवार की जरुरत पूरा करे और जो मजदूरी के बदले लेना चाहता है उसको ) बची होलसेल में बचे अब जिसके पास जमीन नहीं है वो या तो मजदूरी करते किसी अमीर व् साहूकार की जमीन जोतता है अब सभी मजदूरो या जो खेती में काम करना चाहता वो उनकी अच्छी पगार तय करे क्योकि मुनाफा पहले ज्यादा होगा और सब को अच्छी मजदूरी दे सकते है यह तो हुई मजदूरी की बात अब सब पहले अपने अपनी जमीन के लिए बीज उर्वरक – खाद बिजल पानी ट्रेक्टर उसको लाने में तहसील या शहर के आने जाने का खर्चा होता है अब ग्रामपंचायत पुरे की खरीदी करेगी तो आने जाने खर्चा ,होलसेल बीज उर्वरक – खाद खरीद में बचत होलसेल में बेचने में फायदा नहीं तो अच्छी रेट आने पर बचे अब फसल आने पर जिस की जितनी हिस्सेदारी है उतनी मुनाफा दे मतलब साहूकार की हिस्सेदारी २५ और २५ प्रतिशत क़ानूनी झमेले वाली अगर कोई दावेदार है तो बाकी २५० हिस्सेदार है अब बाकी बची जमीन १०० एकर (पगडण्डी वाली )और सरकारी जमीन १५० एकर अब वो २५० एकर का हिस्सेदार गग्रामपंचायत होगा २५० एकर से जो पैसा मिलता है ग्रामपंचायत को चालने में और उसको गावं में अति गरीब , अबला नारी , वुजुर्ग ,बाल की भलाई में लगाए और बाकी बचे पैसे में पानी बिजली ट्रेक्टर का सही इंतजाम करने में और बचे तो वेयरहाउस (गोदाम )बनाए अगर सरकारी मद्दत की जरूरत हो तो ग्रामपंचायत के माध्यम से मिले अब सबसे पहले सरकारी सब्सिडी जो अलग अलग योजनाओ में जो सरकार देती वो सब बंद करे फिर ग्रामपंचायत को जिस काम के लिए जरूरत है वो ही फंड रिजील करे अब कुछ लोग ग्रामपंचायत में नहीं आना चाहेंगे उसका मेरा जबाब यह की जब सकारी सब्सिडी के रूप में जो सहायता मिलती थी जब वो सहयता केवल ग्रामपंचायत को ही मिलेगी तो वो लोग भी उसमे अपने आप जुडेगे नहीं तो सरकारी (कर ,टेक्स ) का हंटर है अब सरकार भी सही योजनायें बना पाएगी जैसे सभी को सामान शिक्षा ,समान स्वास्थ्य सुविधा ,सभी को समान अधिकार अब देश में सबसे ज्यादा क़ानूनी केस जमीन जायदात के है उस में हल करने में सुविधा होगी ग्रामपंचायत की देख रेख में और भी काम काज किये जा है जैसे पशु पालन ,मुर्गीपालन , खेती आधारित उद्योग ,हस्तकला ,छोटे मोटे उद्योग लगाए जा सकते है जिसकी जितनी काम करने की समता के ऊपर निर्भर है ग्रामपंचायत बनने से बुराईयों पर जैसे शराब ,जुआ ,बलात्कार ,बाल मजदूरी ,अबलानारी ,विधवाओं बुजर्ग को समान का जीवन ,आदि ….

पुलिस का रवैया भी बदलेगा ग्रामपंचायत बनने से जो शहर की ओर जाने वाले लोग गाँव मै ही बसना चाहेंगे और जो शहर में है वो भी गावँ में जाना चाहेंगे ग्रामपंचायत बनने से देश की सही जनसख्या का पता लगेगा क्योकि अब तक जो गाँव में और शहर में है वो दोनों जगह का सरकारी सब्सिडी का दुरुपयोग करते है ग्रामपंचायत बनने से भूमि अधिघरण का दुरुपयोग नहीं होगा अगर कोई करना भी चाहेगा तो सही दाम और सही रोजगार की जरूरत पूरी करेगा क्योकि सघठन में शक्ति होती है जो बिखरा पड़ा उसको लालच का दबाब या मार पीटकर छिन नहीं सकता है ग्रामपंचायत बनने से भस्ठाचार पे रोक लगेगी क्योकि सब काम ग्रामपंचायत के माध्यम से हो जाए करेगे जैसे पुलिस ,सरकारी ,अस्पातल ,स्कूल ,आदि जगह पर एक आम आदमी का बोलना या जाना और उसके पीछे पूरा ग्रामपंचायत है वो ही उसकी पहचान है ग्रामपंचायत बनने से देश की ७० प्रतिशत समस्याओ को हल होगा बाकी बची ३० प्रतिशत के लिए मेरे अगले विचार लिखने तक …….रुके ……

ग्राम सभा का स्वरुप यानी चुनने कैसे गरीबो को ३० प्रतिशत ( जिसके पास जमीन ना हो यानी मजबूर या मजदुर ) पर उनकी जिनकी काबिलियत हो महिलाओ को ४० प्रतिशत ( उसमे भी जिसके पास जमीन ना हो उनका ७० प्रतिशत ) पर उनकी जिनकी काबिलियत हो बाकी ३० प्रतिशत जिनकी काबिलियत हो इनके चुनाव के बाद एक ग्रामपंच-ग्राम प्रधान चुने फिर बाकी के पद उनमे से जैसे कोषाध्यक्ष ( खातो की निगरानी करेगा ) एक वकील जो क़ानूनी समस्या देखे एक ड्रोक्टर जो स्वास्थ विभाग एक पुलिसवाला जो झगडे टंटे देखे सभी नई काम में बदलावों लाए या सरकारी फण्ड या आपातकाली स्थति पर सब मिल कर फैसाला ले ग्रामपंचायत सभी को एक कार्ड से जैसे (आधार कार्ड )उसमे पुलिसवाला, ड्रोक्टर , वकील , ग्राम प्रधान की मंजूरी हो कार्ड में उसकी जमीन या मजदूरी का हिस्सा तय हो कार्ड में उसकी स्वास्थ की जानकारी लिखा हो कार्ड में उसकी आदि आदि …

इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो आरक्षण के मुद्दे का सही समाधान होगा इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो समान सिक्षा का समाधान होगा इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो समान स्वास्थ का समाधान होगा इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो समान सुरक्षा का समाधान होगा इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो समान जीवन का समाधान होगा इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो समान धार्मिक (जातिवाद ) का समाधान होगा इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो समान व्यवस्था का समाधान होगा इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो माहिलो का समान अधिकार दे समाधान होगा इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो माहिलो का समान अधिकार दे समाधान होगा तो बलात्चार का सवाल पैदा होता है इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो भाष्ठाचार समाधान होगा इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो कुपोषण समाधान होगा इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो रोजगार समाधान होगा इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो भाष्ठाचार समाधान होगा बाल विधवा अबला वर्द्ध इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो बाल विधवा अबला वर्द्ध को सही समान समाधान होगा इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो कुरितियो जैसे शराबी,जुआ रेप आदि समस्याओ का समाधान होगा इस प्रकार ग्रामपंचायत पंचायत का संचालन करे तो देश की ७० प्रतिशत समस्याओ का समाधान होगा

By Kishanlal R Gupta

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