According to the data reckoned, no of divorce cases in India is very less in contrast to western countries. Know why.

एक मित्र ने आज व्हाट्सएप्प पर एक वीडियो भेजा । मशहूर हास्य कवि सुरेन्द्र शर्मा जी का । वही चार लाइनों वाले सुरेन्द्र शर्मा । बता रहे थे कि हमारे देश में तलाक के मामले विदेशों की बजाय बहुत कम होते हैं । हास्य कवि है तो अपने अंदाज में ही उन्होंने इसके कारण भी बताये ।

बहुत से कवि या हास्य कलाकार पति पत्नी के रिश्ते पर बहुत से हास्य व्यंग्य के रंग बिखेरते रहते हैं । अक्सर हंसी मजाक के माहौल में पति पत्नी के चुटकुले भी शामिल रहते हैं । और हो भी क्यों ना, आखिर ये रिश्ता है ही इतना निराला । दुनिया में ये ही तो एक रिश्ता है जो प्रेम, समर्पण और विश्वास की बुनियाद पर खड़ा होता है ।

इस बुनियाद को मजबूत करते हैं हमारे संस्कार और हमारे देश की संस्कृति । इसीलिए तो पति या पत्नी को जीवनसाथी का नाम दिया जाता है । पुरे जीवन का साथी, जीवन साथी । बहुत सी मन की बातें होती है जो हम अपने अन्य परिवार जनों के साथ नहीं कर सकते, वो अपने जीवनसाथी के साथ बाँट कर मन के कई बोझ हलके कर लेते हैं ।
seven vows in marriage Togetherness For Births After Births

समय के साथ भाई, बहन, बच्चे सब अपनी अपनी जिम्मेदारियों में व्यस्त हो जाते हैं, मगर अंत तक साथ निभाता है जीवनसाथी । शर्त इतनी सी है की इस रिश्ते को पूरी ईमानदारी से निभाया जाए ।

पति पत्नी का ये रिश्ता बहुत ही ख़ास होता है । इस रिश्ते की मजबूती तय करती है आपके आगे आने वाले जीवन के पलों को । जितना आपसी सहयोग, समर्पण और एक दूजे में विश्वास होगा, जीवन उतना ही मधुर होगा । और जहां ये चीजें नजरअंदाज कर दी जायेगी, कलह और क्लेश होंगे, जीवन में कड़वाहट भर जायेगी ।

आपने भी देखे होंगे बहुत से ऐसे जोड़े जो हर पल खुश नजर आते हैं । जिनके घरों से कभी बर्तन फेंके जाने की आवाजें नहीं आती । और बेलन बाकायदा रोटी बेलने के ही काम आती है ।

वे लोग शायद विवाह बंधन के इन सूत्रों का बखूबी इस्तेमाल करते होंगे । एक दूजे के लिए सम्मान, उनकी भावनाओं का आदर और सुख दुःख की हर बात को आपस में बाँटने का काम । अपने जीवनसाथी की हर छोटी छोटी जरुरत का ख़याल । ये ही तो है एक मधुर जीवन का राज ।

लेकिन कई बार होता ये है कि विवाह से पहले जो दीवाने हुआ करते थे, साथ जीने मरने की कसमें खाते थे । विवाहोपरांत समय के कुछ अंतराल के बाद एक दूसरे के प्रति लापरवाह होते जाते हैं । बात बात पर नोकझोंक, झगड़े शुरू हो जाते हैं और कई दफा नोबत तलाक तक आ जाती है ।

जनम जनम के इस रिश्ते को निभाने के लिए जरुरी है की इसमें इतनी मिठास घोल दी जाए कि कड़वाहट के लिए कहीं जगह ही ना बचे ।

अगर जीवनसाथी ने काबिलेतारीफ कोई काम किया है तो तारीफ़ करने में कंजूसी कतई ना करें बल्कि कभी कभी युं ही तारीफ़ कर दिया करें । रिश्ते की कड़ी में वेल्डिंग का काम करेगी ।

खाली समय अधिकतर साथ बिताने का प्रयास करें और जीवन के मधुरतम बिताये पलों की यादें ताजा करें । अपने साथी की जिंदगी से जुड़े ख़ास दिन, ख़ास तारीखें याद रखें और वो दिन आने पर उसे उत्सव की तरह मनायें ।

किसी कारणवश अगर आप एक दूसरे से दूर हैं तो जब मिलें तब एक साथ सारे ख़ास दिनों को याद करके जश्न मनालें ।

जिस दिन ये रिश्ता पति पत्नी के रिश्ते से मित्रता के रिश्ते में बदल जाए तब देखिएगा, जीवन का ये सफ़र कितना सुहाना हो जायेगा । और ये गीत होठों पे आ जायेगा ।

“जनम जनम का साथ है हमारा तुम्हारा,
अगर न मिलते इस जीवन में लेते जनम दुबारा”

pledge to be together forever Togetherness For Births After Births

……….आज रोज से हटकर कुछ लिखने का प्रयास किया है दोस्तों । आपकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा करूँगा । …..
By Shiv Sharma in indiaopines blog
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