No matter if the tough gets going or the tough gets going, the world just moves on a thin hope.

राष्ट्र को युवाओ से,
किसान को हवाओं से,
व्यापारी को व्यापार से
गरीबो को स‌र‌कार‌ से,

सब को परवरदिगार‌ से
कुछ उम्मीदें है।

उम्मीद‌ प‌र‌ तो टीका ये जहान है,
नित नई उम्मीदो से ही बना इंसान है,
उम्मीद के बिना तो जैसे मनुष्य कंगाल है ।
उम्मीदों की पूंजी है तो मालामाल है,

Keep On Hoping  Our Purpose Of Living Relies On Our Hopes

उम्मीद के सहारे ही मानव
अपना जीवन जीता है,
उम्मीद के दम पर ही तो
लोगों ने जग जीता है।

लोग यहाँ अलार्म लगाकर सोते है
इसी उम्मीद में की चलो कल सुबह जागते है,
उम्मीद अगर दिखा दे कोई यहाँ
तो लोग उसके पीछे भागते है।

उम्मीद दिखाकर नेता चुनाव जीत जाते है,
चुनाव बाद ना कभी अपना चेहरा दिखाते है।

स्वतंत्रता की उम्मीद में ही तो क्रांतीकारीयों ने बन्दुक उठाई थी,
अपनी जान की बाजी लगाई थी,
अंततः आजादी भी पाई थी ।

मोती मिलने की उम्मीद में
गोताखोर ड़ुबकीयां लगाते है,
ना मिलने पर निराश ना होकर
फिर से किस्मत आजमाते है।

कष्ट सहती है नौ महीनों तक इसी उम्मीद में माँ,
की जब आएगी मेरी संतान
जगमग करेगी मेरा जहां।

keep calm and keep hoping Our Purpose Of Living Relies On Our Hopes

सैनिक की माँ को उम्मीद है की
इस बार उसका बेटा घर आएगा,
छात्र को उम्मीद है
वो अच्छे अंक लाएगा,
नये साल की सूरज की किरणें
जीवन में नया उजाला लाएगी,
उम्मीद है मुझे
मेरी पहली कविता
आपको पसंद आएगी ।

By Madhu Nair at indiaopines blogs

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